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पार्क सर्कस से लेकर शेक्सपीयर सरणी फुटपाथ अवैध पार्किंग के भरे हुए हैं।
कोलकाता। पार्क सर्कस मोड एक ऐसा चौराहा जहाँ 7 सडक़ें एक दूसरे मिलती हैं। दक्षिण कोलकाता के महत्वपूर्ण क्रासिंगों में से एक पार्क सर्कस मोड़ अब अवैध पार्किंग का अड्डा बन गया हैं। स्थिति ये हैं कि ट्रैफिक पुलिस के जवानों की मौजूदगी के बावजूद यहाँ अवैध पार्किंग चल रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश को ठेंगा दिखाकर महानगर में अवैध पार्किग का सिलसिला बदस्तूर जारी है।
पार्क सर्कस से लेकर शेक्सपीयर सरणी फुटपाथ अवैध पार्किंग के भरे हुए हैं। पार्क सर्कस के चौराहे पर तो पुलिस के मौजदगी में ही खुलेआम सडक़ तो सडक़ फुटपाथ में भी पार्किग लगाया जा रहा है लेकिन ट्रैफिक के कार्यरत जवान हैं जो कैमरे देखते ही गाडिय़ां हटवाते हैं और कैमरा हटते ही फिर वही नतीजा ढाक के तीन पात।
दरअसल पार्क सर्कस क्रॅासिंग पर अर्सलान नामक एक रेस्तरां हैं जिसके सामने की फुटपाथ से लेकर वाहनों के लिये आने जाने वाली सडक़ तक रेस्तरां में आने वालों ग्राहकों के लिये पार्किंग का अड्डा बन गया हैं। चौंकाने वाली बात हैं कि पुलिस का बैरिकेड भी वहाँ लगाया गया हैं जिसके अंदर ये पार्किंग होती है। यही नहीं अर्सलान रेस्तरां से पार्क सर्कस मैदान की ओर मुड़ रही फुटपाथ भी अवैध पार्किंग के जद में हैं जहाँ रेस्तरां के ही वाहनों को फुटपाथ पर पार्क कर फुटपाथ बंद कर दिये गये है। रेस्त्रां की ओर से दो लोगों को सडक़ पर पार्किंग लगाने के लिए ही रखा गया है।
पार्क स्ट्रीट से पार्क सर्कस की ओर मुड़ते ही अवैध पार्किंग का ये नजारा आसानी से देखा जा सकता है। लेकिन इन पार्किंग के कारण हो रहे हादसे का भी रेस्तरां प्रबंधन पर कोई असर नहीं पड़ता है। चूंकि यहाँ तेज रफ्तार से वाहन मुड़ते हैं और इस मोड़ से ही मोटर साइकिलों के पार्किंग का सिलसिला शुरू होता हैं। रेस्तरां से खाना डिलिवरी लेने के लिये आने वाले आनलाइन सर्विस प्रोवाइडर के बाइकर्स यहाँ अपनी बाइक लगाते है। इसके बाद रेस्तरां के गेट के दाहिने ओर चारपहिया वाहनों की पार्किंग होती है जहाँ दो लेन में पार्किग लगाया जाता हैं। ताजा टीवी की टीम ने जब इस नजारे को कैमरे में कैद किया तो वहां कार्यरत पुलिस कर्मियों की नींद खुली और आनन फानन में ट्रैफिक पुलिस ने नो पार्किंग का चालान काटने के बजाये चालकों को वहाँ से गाड़ी हटाने की हिदायत दी। पुलिस के कहने पर गाडिय़ा हटा ली गयी लेकिन जैसे ही कैमरा टीम वहाँ से हटी वैसे ही फिर से पार्किंग का सिलसिला पुलिस सार्जेट के सामने की शुरू हो गया। ड्यूटी पर तैनात एक सार्जेट ने बताया कि ये इलाका नो पार्किंग जोन हैं लेकिन यहाँ पार्किंग कैसे लगा इसकी जानकारी नहीं हैं पुलिस इसपर कार्रवाई करेगी। सार्जेट ने कार्रवाई की बात तो की लेकिन स्थिति जस की तस।
अवैध पार्किंग के खिलाफ पुलिसिया मुहिम भले ही चल रही हो लेकिन स्थानीय लोगों के मन में सवाल हैं कि आखिर पुलिस रेस्तरां के सामने खड़े वाहनों के खिलाफ कोई एक्शन क्यों नहीं लेती? क्या रेस्तरां मालिक के रशुख के कारण पुलिस कार्रवाई से कतराती हैं या फिर पुलिस इंतजार में हैं किसी बड़े हादसे का और फिर उसके बाद कार्रवाई होगी?
बताते चलें कि इस रेस्तरा के मालिक अख्तर परवेज हैं जिन्हें 5 साल पहले पुलिस ने एक पोकर क्लब से गिरफ्तार किया था यही नहीं अख्तर परवेज के बेटे अरसलान परवेज ने वर्ष 2019 में तेज रफ्तार के कारण दो बांग्लादेशी नागरिकों को अपने करोड़ों रूपये के कारण के तले रौद दिया था। बहरहाल लोगों को इंतजार हैं कि आखिर पुलिस कब रेस्तरां के बाहर लगने वाले इस अवैध पार्किंग के खिलाफ मुहिम छेड़ेगी?
यही हाल सेक्सपीयर सरणी थाना इलाके की हैं जहाँ कला मंदिर के सामने स्थित बाइक के शोरूम के सामने दर्जनों मोटर साइकिले फुटपाथ पर खड़ी कर दी गयी हैं। यही नहीं कोलकाता नगर निगम द्वारा शौदर्यकरण के लिये लगाये गये पेड़ और उसके बैरिकेट को भी तोड़ दिया गया हैं और वहाँ पर मोटर साइकिल की पार्किंग कर दी गयी है। यही स्थिति राउडन स्ट्रीट की हैं जहां फुटपाथ को पार्किंग जोन में तब्दील कर दिया गया है।